इंदौर की खूबसूरती बढ़ाने में इन्दोरियो की तासीर और रंगीन मिजाजी बहुत महत्वपूर्ण है | होली पुरे देश में जोश के साथ मनाई जाती है |
इंदौर में होली के इस धार्मिक पर्व को बड़े ही हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है और इस समय पर गेर निकाली जाती है | जिसमे शहर के सभी उम्र के लोग सम्मिलित होते है चाहे वे उम्रदराज हो, जोशीले नौजवान हो या फिर बच्चे | गेर का आयोजन शुरू करने का श्रेय इन्दोर में टोरी कार्नर को जाता है जिसमे रंगों को किसी टेंकर …
इंदौर के इतिहास के बारे में बताते लेख |
इस में आपको इंदौर की इमारतों के बारे में पढ़ने को मिलेगा जो की एतिहासिक महत्व रखती है |
इसमें आपको इंदौर के नए-पुराने धार्मिक स्थलों के बारे में पढ़ने को मिलेगा |
इंदौर के कुछ स्थल जो की पयर्टन की दृष्टी से काफी महत्वपूर्ण स्थान रखते है |
इंदौर और इंदौर के बारे में लिखे गए लेख यहाँ पढ़ने को मिलेंगे |
इंदौर की खूबसूरती बढ़ाने में इन्दोरियो की तासीर और रंगीन मिजाजी बहुत महत्वपूर्ण है | होली पुरे देश में जोश के साथ मनाई जाती है |
इंदौर में होली के इस धार्मिक पर्व को बड़े ही हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है और इस समय पर गेर निकाली जाती है | जिसमे शहर के सभी उम्र के लोग सम्मिलित होते है चाहे वे उम्रदराज हो, जोशीले नौजवान हो या फिर बच्चे | गेर का आयोजन शुरू करने का श्रेय इन्दोर में टोरी कार्नर को जाता है जिसमे रंगों को किसी टेंकर …
खंडवा जिले की पंधाना तहसील के बडदा में 1842 में भाऊसिंह के यहाँ एक बालक ने जन्म लिया, जो अन्य बच्चो से दुबला-पतला था | निमाड में ज्वार के पौधे को सूखने के बाद लंबा, ऊँचा, पतला होने पर ‘तंटा’ कहते है इसीलिए ‘टंट्या’ कहकर पुकारा जाने लगा |
टंट्या की माँ बचपन में उसे अकेला छोड़कर स्वर्ग सिधार गई | भाऊसिंह ने बच्चे के लालन-पालन के लिए दूसरी शादी भी नहीं की | पिता ने टंट्या को लाठी-गोफन व तीर-कमान चलाने का प्रशिक्षण दिया | टंट्या ने धर्नुविद्या में दक्षता …
पिछले लेख में हमने इंदौर की झाकियो के बारे में लिखा था जी हां वही झांकिया जो कि इंदौर कि कपडा मिलो द्वारा अनंत चतुदर्शी के दिन चल समारोह के रूप में निकाली जाती है|
इंदौर में झाकियो कि शुरुवात ८६ वर्ष पहले हुई थी| तब सबसे पहले हुकमचंद मिल कि झाकी निकाली गई थी, जिसमे मिल प्रंबधन के साथ ही ,मजदूरो ने भी पैसा मिलाया था और शुरू हुई थी शहर कि यह गौरवशाली परंपरा|
इतिहासकार गणेश मतकर ने बताया कि झाकियो कि परंपरा शुरू करने का श्रेय मिल के जनरल …
तत्कालीन वायसराय लार्ड डफरिन १८८५ में डेली प्रिंसेस कालेज का उद्घाटन करने पधारे थे | उस समय जब लालबाग पेलेस में उनका सम्मान किया गया तो उन्होंने महाराजा तुकोजीराव द्वितीय के प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करते हुए इंदौर स्थित जेल का जिक्र किया था जो १८७७ में बनी थी | कारण था कि इस जेल को महाराजा ने यातना गृह के स्थान पर एक सुधार केन्द्र के रूप में संचालित करने कि प्रेरणा दी थी जो उस देश काल में अद्वितीय कही जाएगी | साथ ही कैदियों को उनकी योग्यता …
इंदौर के कुछ प्रमुख हस्तियों की एक सूची प्रदान की जा रही है अगर आपको लगता है इसमें किसी को नहीं लिया गया है तो सूचित करे:
शासक और अन्य मशहूर हस्तिया
देवी अहिल्या बाई होलकर, आप को सबसे ज्यादा प्रसिद्ध शासक माना जा सकता है आपने देश भर में कई मंदिर, कुए, और धर्मशालाए बनवाई| आपने अपने जीवन का अधिकांश समय महेश्वर में बिताया जो की होलकरो की राजधानी थी जो की नर्मदा के मुहाने पर स्थित है | आपका नाम पर इंदौर के विश्वविद्यालय और एयरपोर्ट का नाम रखा गया …